Best place to visit in delhi

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नमस्कार दोस्तों हम आपको इस पोस्ट में दिल्ली के 10 सबसे बेहतरीन जगहों के बारे में बताएँगे। जहाँ आपको दिल्ली जाने के बाद जरुर घूमना चाहिए।

Top 10 place to visit in Delhi.

  1. लाल किला (Red Fort) – लाल किले का निर्माण शाहजहाँ ने 1648 में पूरा किया। मुसलमानों के पावन दिन मुहरम पर 13 मई 1638 को शुरू किया, किले की पहली नींव इज्जर खान ने रखी थी, शाहजहाँ चाहते थे कि दिल्ली में उनका यह किला सबसे बड़ा हो, वे उसे लाहोर व आगरा के किलों से भी बड़ा चाहते थे, किले को बनने में 10 साल का समय लगा, यह 1648 में पूरा हुआ। लाल किले पर आजादी के बाद सबसे पहले पंडित जवाहरलाल नेहरु ने हमारा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा झंडा फ़हराया था,और इसके बाद से हर साल आजादी दिवस यानी स्वतंत्रता दिवस के मौके पर यहाँ तत्कालीन प्रधानमंत्री द्वारा ध्वजा रोहण होता है। और भारतीय सैन्य दल अपना परेड दिखाती हैं। और भारतीय सेना दल अपनी सैन्यशक्ति को दिखाती है, इसे देखने के लिए भारत के हर कोने कोने से लोग आते है यहाँ तक कि विदेशों से भी काफी सैलानी आते है। और इस परेड का लुप्त उठाते है। दोस्तो आप दिल्ली जाए तो जरूर एक बार लाल किला घूमे।
  2. इण्डिया गेट (India Gate) – इण्डिया गेट को अखिल भारतीय युद्ध स्मारक कहा जाता है। यह स्वतंत्र भारत का राष्ट्रीय इस्माक है जो 43 फ़ीट लम्बा है इसे 1732 में बनवाया गया था। जिसका डिजाइन एडवर्ड लुटियन्स ने तैयार किया था। इस स्मारक का निर्माण अंग्रेज शासकों द्वारा उन 10,000 भारतीय सैनिकों की स्मृति में किया गया था, जो ब्रिटिश सेना में भर्ती होकर प्रथम विश्वयुद्ध और अफ़ग़ान युद्धों में शहीद हुए थे। इण्डिया गेट की दीवारों पर हजारों शहीद सैनिकों के नाम खुदे हैं, सैनिकों की स्मृति में यहाँ एक राइफ़ल के ऊपर सैनिक की टोपी सजा दी गयी है जिसके चारो कोनों पर सदैव एक ज्योति जलती रहती है। दोस्तो आपको बता दूं कि प्रति वर्ष गणतंत्र दिवस पर निकलने वाली परेड राष्ट्रपति भवन से शुरू होकर इण्डिया गेट से होते हुए लाल किले तक पहुँचती है। यहाँ पे हर वक्त शैलानियों की भीड़ लगी होती है।
  3. कुतुबमीनार (Qutubminar) – भारतीय संस्कृति का एक छवि है, जिसे दिल्ली के प्रथम मुस्लिम शासक कुतुबुद्दीन ऐबक, ने इस्लाम फैलाने की सनक के कारण वेदशाला को तोड़कर कुतुब मीनार का पुनर्निर्माण सन 1193 में आरंभ करवाया । कुतुब मीनार भारत में दक्षिण दिल्ली शहर के महरौली भाग में स्थित है, जो ईंट से बनी विश्व की सबसे ऊँची मीनार है। इसकी ऊँचाई 72.5 मीटर (237.86 फीट) है। इसमें 379 सीढियाँ हैं। मीनार के चारों ओर बने हाते में भारतीय कला की उत्कृष्ट छवि हैं, जिनमें से अनेक इसके निर्माण काल सन 1192 के हैं। यह परिसर युनेस्को द्वारा विश्व धरोहर के रूप में स्वीकृत किया गया है।
  4. जंतर मंतर (Jantar Mantar) – जंतर मंतर की बात करे तो, ये भारत मे चार जगह है। और चारो जगह महाराजा जयसिंह द्वितीय ने 1724 में कराया है। जन्तर मन्तर एक खगोलीय वेधशाला है, यहाँ पे ग्रहों को मापने के लिए विभिन्न उपक्रम लगाए गए है। मोहम्मद शाह के शासन काल में हिन्दु और मुस्लिम खगोलशास्त्रियों में ग्रहों की स्थिति को लेकर बहस छिड़ गई थी। इसे खत्म करने के लिए सवाई जय सिंह ने जंतर-मंतर का निर्माण करवाया। खगोल यंत्र राजा जयसिंह द्वारा बनवाये गए थे। वो सम्राट यन्त्र सस्थाम्सा, दक्सिनोत्तारा भित्ति यंत्र जय प्रकासा और कपाला नदिवालय, दिगाम्सा यंत्र, राम यंत्र, रसिवालाया है। यहॉं भी काफी पर्यटक शैर करने आते है।
  5. कमल मंदिर (Lotus Tample) – कमल मंदिर जो भारत के नई दिल्ली के कालकाजी इलाके में है। इसका निर्माणकार्य 1986 में पूरा हुआ था। यह अपने फुल जैसे आकार के लिये प्रसिद्ध है, कमल मंदिर को लगभग 700 इंजिनियर, और तकनीशियन, मजदूरों और कलाकारों ने मिलकर बनाया। इस ईमारत में 27 खड़ी मार्बल की पंखुड़ियाँ बनी हुई है जिसे 3 और 9 के आकार में बनाया गया है, लगभग 40 मीटर के है और इस हॉल में तक़रीबन 2400 लोग एकसाथ आ सकते है। में इस मन्दिर की खास बातें यह है कि इस मंदिर का आकार कमल के फुल की तरह है क्योकि कमल को शांति, शुद्धता, प्यार और पवित्रता का प्रतिक माना जाता है। यहां पे किसी भी धर्म का व्यक्ति आ सकता है। मंदिर में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिये विस्तृत घास के मैदान, सफ़ेद विशाल भवन, ऊँचे गुम्बद वाला प्रार्थनागार है। मंदिर में पार्थना हर घण्टे में 5 मिनट के लिए होती है। यहाँ कमल मंदिर में प्रतिदिन देश और विदेश के लगभग 9 से 10 हज़ार पर्यटक आते है।
  6. अक्षरधाम (Akshardham) – नई दिल्ली में स्थित यह मंदिर बहुत ही दृष्मयी आकर्षक है। यह मंदिर स्वामिनारायण का मंदिर है, यह दुनिया का सबसे विशाल हिन्दू मंदिर परिसर है। इस मंदिर का नाम गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया गया है। इस मंदिर की बनावट इतनी सुन्दर है कि देखने वाला अगर देखे तो बस देखता रह जाये। अक्षरधाम मंदिर का निर्माण कार्य 6 नवम्बर 2005 में हुआ था । इस मंदिर का निर्माण BAPS प्रमुख स्वामी महाराज ने करवाया था।
  7. हुमायूँ का मकबरा (Humayu Tomb) – यह एक बहुत ही सुनदर एवं देखने योग्य मकबरा है। अगर आप दिल्ली में गए है, और ये मकबरा नहीं देखा तो कुछ नहीं देखा। अगर आप घूमने के शौकीन हैं, तो यह जगह आपके लिए एकदम सही है। अगर आप इस जगह पर एक बार घूम लेते है, तो आप ऐसे और जगहों पे घूमने के लिए बेताब हो जाओगे। ये जगह भारत की राजधानी दिल्ली में स्थित हैं। इस मकबरे का निर्माण हुमायूँ की विधवा बेगम हमीदा बानो बेगम के आदेशानुसार बनाया गया था। इस मकबरे का निर्माण ई० 1565 में शुरू हुआ था। और इसका निर्माण कार्य ई० 1572 में पूरा हुआ था। यह एक देखने योग्य जगह है। कहा जाता है कि उस मकबरे का निर्माण हुमायूँ के बेगम ने आपमें सौहर के मरने का बाद उनकी याद में इस मकबरे का निर्माण करवाया गया था।
  8. लोधी उद्यान (Lodhi Garden) – लोधी उद्यान पूर्व नाम लेडी विलिंग्डन, लेडी विलिंगडन भारत के गवर्नर जनरल की पत्नी थी, इसीलिए रखा गया था। और बाद में इसका नाम लेडी विलिंगडन पार्क रख दिया गया, अभी इसका नाम लोधी गार्डन से प्रसिद्ध है। यह दिल्ली शहर के दक्षिणी मध्य इलाके में बना सुंदर उद्यान है। उद्यान में फव्वारे, तालाब, फूल और जॉगिंग ट्रैक भी बने हैं। जो काफी मनोहरक है, इस उद्यान क्षेत्र के विस्तार में लगभग 10 एकड़ में है, जहां उद्यान के अलावा दिल्ली सल्तनत काल के कई प्राचीन स्मारक भी हैं। जिनमें मुहम्मद शाह का मकबरा, सिकंदर लोदी का मक़बरा, शीश गुंबद एवं बड़ा गुंबद प्रमुख हैं। यहाँ काफी पयर्टक आते है।
  9. जामा मस्जिद (Jama-Masjid) – यह मस्जिद लाल और संगमरमर के पत्थरों का बना हुआ है। जो लाल किले से लगभग 600 मीटर की दूरी पर जामा मस्जिद स्थित है, जो भारत की सबसे बड़ी मस्जिद है। इस मस्जिद का निर्माण 1650 में शाहजहां ने शुरु करवाया था। इसे 1656 में पूर्ण किया गया। इसे बनने में 6 वर्ष का समय और लगभग 10 लाख रु. लगे थे। जामा मस्जिद इसमें 25000 लोग एक बार मे नमाज़ अदा कर सकते है। इसमें 80 मीटर लम्बाई और 27 मीटर चौड़ाई, ऊँचाई 41 मीटर, 3 गुम्बद और 2 मीनार हैं। जो इसे काफी आकर्षक बनाती है। दोस्तो इसके ऊपर बने गुंबदों को सफेद और काले संगमरमर से सजाया गया है, जो निजामुद्दीन दरगाह की याद दिलाते हैं। मस्जिद का पूर्वी दरवाज़ा हर शुक्रवार को खुलता है। एक बार दिल्ली जाओ तो जरूर घूमने जाए।
  10. चांदनी चौक (Chandani Chowk) – दिल्ली की सबसे पुराना बाजार है। यह पुरानी दिल्ली के रेलवे स्टेशन के नजदीक पड़ती है। यह दिल्ली की सबसे व्यस्त बाजार है। यह इतना व्यस्त बाजार है, कि अगर एक बार कोई आप से बिछड़ जाये तो बिना दूरभाष का उसे खोजना नामुकिन है। यह भारत के मुग़ल साम्राज्य सम्राट शाहजहां द्वारा बनाया गया था। चांदनी चौक के से कही आने जाने के लिए आप चांदनी चौक के नजदीक के मेट्रो स्टेशन से आ जा सकते है।

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